वो मानवता का साथी है

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ना डरता है शैतान से
वो मानवता का साथी है
रूह में उसके सिंघ दौड़ता
जिस्म कि जैसे हाथी है
फ़ौलादी है सीना उसका
काँधे जैसे काठी है
है भगत सिंह मन में उसके
और गाँधी की भी लाठी है
जो आज़ादी की लौ जल रही
वो उस दिये की बाती है
देश मान की ख़ातिर जो
भूला धर्म और जाती है
है वो वीर जवान हिंद का
लड़ता वो उन हालतों में
जहाँ दुनिया ही गश खाती है
है वो वीर जवान हिंद का
जिसके धरती गुण ही गाती है
वो मानवता का साथी है
वो मानवता का साथी है

#inkerract

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