अनुभव

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दिल की धडकन भी जब अनुभवी सी लगने लगी।

मेरी हर खायलात तब कवि सी लगने लगी।।

और जब ज़िन्दगी में हर मसले का समाधान समझ आया।

तब लोगों को मुझमे बूढ़े नासमझ की छवि सी लगने लगी।।

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